भूत प्रेत भगाने का हनुमान मंत्र : भूत प्रेत एक अदृश्य ना दिखने वाली आत्माएं होती हैं जो व्यक्ति को अदृश्य रूप में परेशान करती हैं उन्हें अनेकों प्रकार के बीमारियों संकटों में डाल देती है उन्हें डराती रात में सोते समय डरावने सपने दिखाते हैं
उनका किसी काम में मन लगने नहीं देती है सिर में दर्द काम करने में मन नहीं लगता जैसे तमाम तरह के समस्याएं भूत-प्रेत के कारण व्यक्ति को होती है
लेकिन आज हम आपको ऐसे भूत प्रेत भगाने के तरीके बताएंगे जिसके द्वारा आप इन अदृश्य ना दिखने वाली आत्माओं भूत प्रेत को इस मंत्र के द्वारा आसानी से भगा सकते हैं और किसी के शरीर से इसको उतार भी सकते है और भूत प्रेत से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।
किसी भी मंत्र का जाप करने से पहले उसे मंत्र को अच्छे से सिद्ध कर ले या उसमें जो विधियां नियम शर्ते बताई गई हैं उसके अनुसार ही पालन करने से मंत्र काम करते हैं
इसका आप विशेष ध्यान रखें तभी मंत्र काम करेगा और आप भूत प्रेत को भाग सकेंगे क्योंकि मंत्र की शक्ति उसके विधि अनुसार जाप करने में होती है चलिए जानते हैं वह कौन सा मंत्र है।
भूत प्रेत भगाने का पॉवरफुल हनुमान मंत्र -Hanuman mantra to drive away ghosts
1. भूत प्रेत भगाने का पावरफुल हनुमान मंत्र है : भाग- भाग भूत, भाग- भाग मसान। आवत हे पश्च-मुखा हनुमान। गदा ला चलाहि, तोर करेजा ला खाही, आगी में जलाही, तेल में पकाही। मन के राव, मन का दुआ करे। भूत-प्रेत के पीरा ला हरे। सत् के महादेव होबे, तो “अमुक' के रक्षा करबे। मोर अरजी-विनती ला सुनबे। दुहाई पारबती दाड़ के।
इसकी प्रयोग विधि पूर्व मन्त्र जाप करने से भूत प्रेत तुरंत रोगी के शरीर से भाग जाएगा जाएगा।
2. भूत प्रेत भगाने का पावरफुल हनुमान मंत्र है : बाँधो भूत जहाँ तू उपजो छाड़ौं गिरे पर्वत चढ़ाई सर्ग दुहेलि तुजभि झिलमिलहि हंकोर हनुमनत पचारई भीमा जारि-जारि भस्म करे जो चापें सौंऊ मेरी आन मेरे गुरु की आन ईश्वर गौरा पार्वती महादेव की दुहाई।
उपले (कण्डी) की राख को रोगी के ऊपर से तीन वक्त उतार कर उपरोक्त मन्त्र पढ़ते हुए सात वक्त फूँक मारे तो प्रेत ग्रस्त रोगी का प्रेत भाग जाता है
आप चाहो तो भूत भगाने के लिए अनुमान चालीसा का पाठ करे तो भूत प्रेत कभी भी आपके पास नही आयेंगे और दूर भाग जायेंगे। “भूत पिशाच निकट नहीं आवे,
महावीर जब नाम सुनावे।”
📖 यह पंक्ति गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा से है, और इसे सबसे प्रभावी रक्षा मंत्र है। यह तुलसीदास की वाणी से बोला गया है इसलिए यह मंत्र भूतो को भगाने में बड़ी सहायता करता है।